श्री राम की नगरी
अयोध्या के दर्शनीय स्थल
भगवान श्रीराम की सनातन जन्मभूमि के मन्दिरों, घाटों एवं पावन स्थलों का परिचय।
पावन दर्शनीय स्थल
पवित्र नगरी में आध्यात्मिक महत्त्व के 10 स्थल
मन्दिर 1 अवश्य दर्शन रामकोट - पावन जन्मस्थान
राम जन्मभूमि
अयोध्या का सर्वाधिक पवित्र स्थल - वह प्राचीन दुर्ग जहाँ नवीन राम जन्मभूमि मन्दिर स्थित है। भगवान श्रीराम के जन्मस्थान के रूप में मान्य यह स्थान सम्पूर्ण यात्रा का आध्यात्मिक केन्द्र है।
मन्दिर 2 अवश्य दर्शन 18वीं शताब्दी का दुर्ग-मन्दिर
हनुमान गढ़ी
पहाड़ी पर स्थित भव्य दुर्ग-मन्दिर, 76 पाषाण सीढ़ियों से पहुँचा जाता है। अयोध्या के चिरंतन रक्षक बजरंग बली को समर्पित; यहाँ बाल हनुमान को गोद में लिए अंजनी माता की मनोहर प्रतिमा है।
मन्दिर 3 स्वर्ण भवन
कनक भवन
श्री राम और सीता की स्वर्णिम प्रतिमाओं को प्रतिष्ठित करने वाला दीप्तिमान मन्दिर-संग्रहालय। पौराणिक मान्यता के अनुसार कैकेयी ने यह भवन सीताजी को विवाह के अवसर पर भेंट किया था।
मन्दिर 4 महाराज दशरथ का राजमहल
दशरथ महल
श्रीराम के पिता महाराज दशरथ का राजमहल माने जाने वाले इस स्थान पर प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु आते हैं। यहाँ सम्पूर्ण रघुवंश की प्रतिमाएँ स्थापित हैं। यह परिसर राम जन्मभूमि के निकट ही है।
विस्तृत मार्गदर्शिका शीघ्र उपलब्ध
मन्दिर 5 कुश द्वारा स्थापित, राम-पुत्र
नागेश्वरनाथ मन्दिर
अयोध्या के सर्वाधिक प्राचीन शिव मन्दिरों में से एक, जो श्रीराम-पुत्र कुश द्वारा स्थापित माना जाता है। इसी मन्दिर ने राजा विक्रमादित्य को खोई हुई अयोध्या पुनः खोजने में सहायता की।
नदी व घाट 6 पावन स्नान अयोध्या की पावन नदी
सरयू नदी व राम की पैड़ी
पवित्र सरयू अयोध्या के दाहिने तट पर 6 किमी तक प्रवाहित होती है। राम की पैड़ी प्रमुख स्नान-घाट है जहाँ श्रद्धालु प्रातःकाल पावन स्नान करते हैं। सायंकालीन आरती की छटा वाराणसी को स्मरण दिलाती है।
नदी व घाट 7 जहाँ श्रीराम ने जल-समाधि ली
गुप्तार घाट
वह पावन घाट जहाँ परम्परा के अनुसार भगवान श्रीराम ने जल-समाधि ली और वैकुण्ठ को प्रस्थान किया। पुराने अयोध्या के छोर पर स्थित यह एकान्त, चिन्तन-प्रिय स्थल है।
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ऐतिहासिक 8 जहाँ सञ्जीवनी पर्वत का खण्ड गिरा
मणि पर्बत
रामायण के अनुसार जिस पहाड़ी पर हनुमान द्वारा लंका ले जाते समय सञ्जीवनी जड़ी-बूटी पर्वत का एक खण्ड गिरा था। यह स्थान मन्दिर-परिसरों की व्यस्तता से परे शान्त एवं चिन्तनशील ऊर्जा से भरा है।
सांस्कृतिक 9 रामचरितमानस का स्मारक
तुलसीदास भवन
रामचरितमानस के रचयिता गोस्वामी तुलसीदास को समर्पित शोध संस्थान एवं स्मारक। प्रतिदिन सायं 6-9 बजे प्रांगण में निःशुल्क रामलीला प्रदर्शन महाकाव्य को जीवन्त कर देता है।
सांस्कृतिक 10 जहाँ गुरुओं ने अयोध्या का भ्रमण किया
सिख गुरुद्वारे
अनेक गुरुद्वारे गुरु नानक देव जी, गुरु तेग बहादुर जी और गुरु गोबिन्द सिंह जी की अयोध्या यात्राओं की स्मृति में निर्मित हैं - जो सर्व-परम्पराओं में अयोध्या की सार्वभौमिक आध्यात्मिक महत्ता का प्रमाण हैं।
कोई स्थल नहीं मिला।
परम्परागत यात्रा-क्रम
शताब्दियों से श्रद्धालुओं द्वारा अनुसरित पावन क्रम
यात्रा की तैयारी
यहाँ कैसे पहुँचें
- › निकटतम हवाई अड्डा: महर्षि वाल्मीकि अन्तर्राष्ट्रीय विमानपत्तन (AYJ)
- › अयोध्या जंक्शन प्रमुख नगरों से रेल-मार्ग से जुड़ा है
- › लखनऊ (140 किमी) से बसें बारम्बार चलती हैं
उत्तम समय
- › अक्टूबर - मार्च: नगर भ्रमण के लिए आदर्श मौसम
- › राम नवमी (चैत्र शुक्ल नवमी): सर्वाधिक भव्य पर्व
- › दीपोत्सव (दीपावली): सरयू घाटों पर लाखों दीप
भक्तों के लिए सुझाव
- › राम जन्मभूमि से आरम्भ करें, यात्रा-क्रम का पालन करें
- › शालीन वस्त्र पहनें; मन्दिर-प्रवेश पर जूते उतारें
- › उत्सव काल में आवास पहले से बुक करें