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श्री राम जन्मभूमि
दीपोत्सव, अयोध्या: सरयू नदी के तट पर लाखों दीपों की जगमगाहट

अयोध्या के पर्व एवं उत्सव

भगवान राम की जन्मभूमि के दिव्य उत्सव। हर पर्व भक्ति, परंपरा और आध्यात्मिक जागृति की एक अनूठी यात्रा है।

अगला पर्व
श्रावण झूला मेला
जुलाई 2026
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सेकंड

प्रमुख पर्व

सात महान उत्सव जो पूरे भारत से श्रद्धालुओं को अयोध्या में आकर्षित करते हैं, प्रत्येक रामायण के किसी प्रसंग या भगवान राम के जीवन पर आधारित।

दीपोत्सव - अयोध्या
Very High भीड़

दीपोत्सव

Deepotsav

सरयू नदी पर दीपों का महोत्सव

दीपावली (31 अक्टूबर 2026)
सरयू नदी घाट एवं राम मंदिर
राम नवमी मेला - अयोध्या
Very High भीड़

राम नवमी मेला

Ram Navami Mela

भगवान राम के जन्म की वर्षगांठ

चैत्र नवमी (30 मार्च 2026)
राम जन्मभूमि एवं संपूर्ण अयोध्या
श्रावण झूला मेला - अयोध्या
Medium भीड़

श्रावण झूला मेला

Shravan Jhula Mela

पवित्र झूला उत्सव

श्रावण मास (जुलाई-अगस्त 2026)
मणि पर्वत एवं नगर के मंदिर
कार्तिक पूर्णिमा - अयोध्या
High भीड़

कार्तिक पूर्णिमा

Kartik Purnima

पूर्णिमा पर पवित्र स्नान

कार्तिक पूर्णिमा (14 नवंबर 2026)
सरयू घाट एवं राम की पैड़ी
राम लीला महोत्सव - अयोध्या
Medium भीड़

राम लीला महोत्सव

Ram Leela Mahotsav

रामायण का जीवंत मंचन

नवरात्रि से दशहरा (2-11 अक्टूबर 2026)
अयोध्या के विभिन्न स्थल
विवाह पंचमी - अयोध्या
Low to Medium भीड़

विवाह पंचमी

Vivah Panchami

राम और सीता का दिव्य विवाह

मार्गशीर्ष पंचमी (25 नवंबर 2026)
नगर के मंदिर
छठ पूजा - अयोध्या
High भीड़

छठ पूजा

Chhath Puja

सूर्योदय और सूर्यास्त पर सूर्य देव की आराधना

चार दिन (4-7 नवंबर 2026)
सरयू तट

प्रत्येक पर्व के बारे में जानें

ऊपर दिए गए किसी भी पर्व कार्ड पर क्लिक करें और सीधे उसके विस्तृत विवरण पर पहुंचें।

दीपोत्सव

Deepotsav

सरयू नदी पर दीपों का महोत्सव

Very High भीड़ 1 दिन अवधि
कब
दीपावली (31 अक्टूबर 2026)
कहाँ
सरयू नदी घाट एवं राम मंदिर

दीपोत्सव अयोध्या का सबसे भव्य उत्सव है, जो 14 वर्षों के वनवास के पश्चात भगवान राम की वापसी को मनाता है। लाखों दीपों से सरयू के घाट जगमगा उठते हैं। 2025 के आयोजन में 26 लाख से अधिक दीये एक साथ जलाकर गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड स्थापित किया गया।

पर्व की विशेषताएं

  • लाखों दीये एक साथ जलाकर विश्व रिकॉर्ड का प्रयास
  • सरयू नदी के ऊपर भव्य लेजर शो और आतिशबाजी
  • नगर भर में परंपरागत राम लीला का मंचन
  • संध्याकाल में घाटों पर महाआरती
  • प्रसिद्ध कलाकारों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम

राम नवमी मेला

Ram Navami Mela

भगवान राम के जन्म की वर्षगांठ

Very High भीड़ 9 दिन अवधि
कब
चैत्र नवमी (30 मार्च 2026)
कहाँ
राम जन्मभूमि एवं संपूर्ण अयोध्या

राम नवमी, चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की नवमी को भगवान राम के जन्म का उत्सव है। अयोध्या में 9 दिवसीय मेला उत्तर भारत के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में से एक है, जिसमें करोड़ों श्रद्धालु राम जन्मभूमि मंदिर में दर्शन और सरयू स्नान के लिए आते हैं।

पर्व की विशेषताएं

  • सूर्य तिलक: दोपहर ठीक 12 बजे सूर्यकिरण राम लला के ललाट पर
  • राम जन्मभूमि मंदिर में विशेष अभिषेक समारोह
  • 9 दिनों तक निरंतर रामचरितमानस पाठ
  • राम, सीता और लक्ष्मण की सुसज्जित मूर्तियों के साथ शोभायात्रा
  • लाखों भक्तों को प्रसाद वितरण

श्रावण झूला मेला

Shravan Jhula Mela

पवित्र झूला उत्सव

Medium भीड़ 1 माह अवधि
कब
श्रावण मास (जुलाई-अगस्त 2026)
कहाँ
मणि पर्वत एवं नगर के मंदिर

श्रावण झूला मेला अयोध्या की एक अनूठी परंपरा है जो भगवान राम, सीता और लक्ष्मण की दिव्य क्रीड़ा का उत्सव मनाती है। पूरे श्रावण माह, देवताओं की मूर्तियों को मंदिरों में सुसज्जित झूलों पर विराजमान किया जाता है।

पर्व की विशेषताएं

  • मंदिरों में राम, सीता और लक्ष्मण की मूर्तियां सुसज्जित झूलों पर स्थापित
  • झूलती मूर्तियों के साथ मणि पर्वत तक भव्य शोभायात्रा
  • मासभर प्रतिदिन भजन-कीर्तन और विशेष आरती
  • मणि पर्वत पर उत्सव मेला
  • नगर के मंदिर वर्षा ऋतु के पुष्पों और हरियाली से सज्जित

कार्तिक पूर्णिमा

Kartik Purnima

पूर्णिमा पर पवित्र स्नान

High भीड़ 1 दिन अवधि
कब
कार्तिक पूर्णिमा (14 नवंबर 2026)
कहाँ
सरयू घाट एवं राम की पैड़ी

कार्तिक पूर्णिमा हिंदू पंचांग के सबसे पवित्र स्नान पर्वों में से एक है। अयोध्या में लाखों श्रद्धालु सूर्योदय से पूर्व सरयू घाटों पर पवित्र स्नान के लिए आते हैं, जिसे सौ अश्वमेध यज्ञों के फल के समान माना जाता है।

पर्व की विशेषताएं

  • सरयू में ब्रह्म मुहूर्त में पवित्र स्नान (अमृत स्नान)
  • संध्याकाल में नदी पर हजारों दीपों का प्रवाह (देव दीपावली)
  • राम की पैड़ी पर भव्य आरती, दीपोत्सव जैसा वातावरण
  • दिनभर आध्यात्मिक प्रवचन और भजन सत्र
  • नागेश्वरनाथ मंदिर और अन्य प्राचीन मंदिरों में विशेष पूजा

राम लीला महोत्सव

Ram Leela Mahotsav

रामायण का जीवंत मंचन

Medium भीड़ 10 दिन अवधि
कब
नवरात्रि से दशहरा (2-11 अक्टूबर 2026)
कहाँ
अयोध्या के विभिन्न स्थल

राम लीला महोत्सव रामायण का नाट्य रूपांतरण है, जो नवरात्रि से दशहरे तक प्रतिवर्ष अयोध्या में आयोजित होता है। तुलसीदास की रामचरितमानस पर आधारित यह प्रस्तुति शास्त्रीय कथक नृत्य, लोक संगीत, भव्य वेशभूषा और संस्कृत श्लोक पाठ का अद्भुत संयोजन है।

पर्व की विशेषताएं

  • रामायण के प्रसंगों का नित्य मंचन, अयोध्या के विभिन्न मंचों पर
  • पारंपरिक वेशभूषा में कथक और लोकनृत्य
  • दशहरे की रात रावण दहन: 15-20 मीटर ऊंचे रावण का पुतला
  • मंडली शैली की राम लीला: संगीत के साथ संवाद प्रधान मंचन
  • रामायण के मुख्य प्रसंगों को दर्शाती भव्य झांकियों का जुलूस

विवाह पंचमी

Vivah Panchami

राम और सीता का दिव्य विवाह

Low to Medium भीड़ 1 दिन अवधि
कब
मार्गशीर्ष पंचमी (25 नवंबर 2026)
कहाँ
नगर के मंदिर

विवाह पंचमी, मार्गशीर्ष शुक्ल पंचमी को भगवान राम और माता सीता की विवाह वर्षगांठ का उत्सव है। अयोध्या के मंदिरों में दिव्य दम्पति के लिए भव्य विवाह समारोह का आयोजन होता है और पूरा नगर उत्सव में डूब जाता है।

पर्व की विशेषताएं

  • नगर के प्रमुख मंदिरों में विवाहोत्सव का भव्य आयोजन
  • राम की बारात का अयोध्या की गलियों में जुलूस
  • मंदिर पुष्पों, दीपों और पारंपरिक विवाह सजावट से सज्जित
  • दिव्य मिलन का उत्सव मनाते विशेष कीर्तन और भजन
  • समस्त भक्तों को विवाह प्रसाद का वितरण

छठ पूजा

Chhath Puja

सूर्योदय और सूर्यास्त पर सूर्य देव की आराधना

High भीड़ 4 दिन अवधि
कब
चार दिन (4-7 नवंबर 2026)
कहाँ
सरयू तट

छठ पूजा सूर्य देव (सूर्य देव) और छठी मैया को समर्पित चार दिवसीय व्रत-पर्व है। अयोध्या में सरयू तट पर इस उत्सव का विशेष महत्व है: सरयू सूर्यवंश (भगवान राम की वंशावली) से जुड़ी पवित्र नदी है।

पर्व की विशेषताएं

  • नहाय-खाय (पहला दिन): शुद्धिकरण स्नान और एक पवित्र भोजन
  • खरना (दूसरा दिन): निर्जला व्रत: अन्न और जल का त्याग
  • संध्या अर्घ्य (तीसरा दिन): सरयू नदी से डूबते सूर्य को अर्घ्य
  • उषा अर्घ्य (चौथा दिन): उगते सूर्य को अर्घ्य, भावनात्मक उत्कर्ष
  • सूर्योदय के समय सरयू में केसरिया परिधान में हजारों व्रती

पवित्र परिक्रमाएं

अयोध्या की विशिष्ट परिक्रमा परंपराएं, एक दिन से लेकर कई दिनों की यात्रा तक। प्रत्येक परिक्रमा भक्ति का एक जीवंत कार्य है जिसमें शरीर और पवित्र नगरी एक हो जाते हैं।

परिक्रमा दूरी मार्ग एवं विवरण
अन्तर्गृही संक्षिप्त (एक दिन) एकदिवसीय आंतरिक परिक्रमा, मंदिर प्रांगण के भीतर
पञ्चकोशी ~15 किमी अयोध्या के लगभग 30 पवित्र स्थलों को स्पर्श करती, दो दिन में पूर्ण
चतुर्दशकोशी ~42 किमी रामकोट से गुप्तार घाट तक, 36 पवित्र स्थलों से होकर
चौरासीकोशी ~275+ किमी सबसे लंबा मार्ग, 148 पवित्र स्थानों को समाहित करता है

सरयू आरती (नित्य परंपरा)

कोई मौसमी पर्व नहीं, बल्कि एक नित्य परंपरा: प्रत्येक संध्या लगभग 7 बजे सरयू घाट पर पुजारी पंचस्तरीय पीतल के दीपों, शंखनाद और भजन-कीर्तन के साथ भव्य आरती संपन्न करते हैं। यह दृश्य वाराणसी की गंगा आरती की याद दिलाता है।

स्थान: राम की पैड़ी एवं मुख्य घाट · समय: प्रतिदिन संध्या, लगभग 7 बजे IST

किसी पर्व के दौरान यात्रा की योजना बना रहे हैं? देखें कहां ठहरें और अयोध्या कैसे पहुंचें

फोटो श्रेय (Wikimedia Commons के सौजन्य से): दीपोत्सव: Abhimanyu7793 (CC BY-SA 4.0) · राम नवमी: श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र · श्रावण झूला मेला: श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र · कार्तिक पूर्णिमा: AKS.9955 (CC BY-SA 4.0) · राम लीला, रामनगर: Rosehubwiki / Kuber Patel (CC BY-SA 4.0) · राम-सीता विवाह चित्र: सार्वजनिक डोमेन · छठ पूजा: Biswarup Ganguly (CC BY 3.0)

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