श्री राम जन्मभूमि मन्दिर, अयोध्या
अयोध्या स्थित नवीन राम जन्मभूमि मन्दिर का सम्पूर्ण मार्गदर्शक: 22 जनवरी 2024 की प्राण प्रतिष्ठा, नवम्बर 2025 में सम्पूर्ण परिसर का पूर्ण होना, तथा मन्दिर के इतिहास, वास्तुकला, दर्शन सूचना एवं पहुँचने की मार्गदर्शिकाएँ।
अयोध्या स्थित राम जन्मभूमि मन्दिर भगवान श्रीराम के पारम्परिक रूप से मान्य जन्मस्थान (जन्मभूमि) पर निर्मित नवीन मन्दिर है। 22 जनवरी 2024 (पौष शुक्ल द्वादशी, विक्रम संवत् 2080) को प्राण प्रतिष्ठा, अर्थात् गर्भगृह में दिव्य उपस्थिति की संस्थापना का संस्कार, सम्पन्न हुआ। यह समारोह भारत के प्रधानमन्त्री द्वारा सम्पन्न किया गया तथा सम्पूर्ण विश्व में करोड़ों दर्शकों ने इसका सजीव प्रसारण देखा।
सम्पूर्ण मन्दिर परिसर, जिसमें राम दरबार, परकोटा के छह मन्दिर, तथा सात ऋषि मण्डपों सम्मिलित हैं, 25 नवम्बर 2025 को पूर्ण घोषित किया गया, जब प्रधानमन्त्री ने मुख्य शिखर पर औपचारिक भगवा ध्वज का ध्वजारोहण किया। सम्पूर्ण परियोजना की लागत लगभग ₹1,900 करोड़ रही। मन्दिर में अब प्रतिदिन 1 से 2 लाख श्रद्धालुओं के दर्शन होते हैं, और राम नवमी एवं दीपोत्सव जैसे पर्वों पर यह संख्या कई लाख तक पहुँच जाती है।
स्थान
मन्दिर पश्चिमी अयोध्या के उच्च भूमि क्षेत्र रामकोट पर, सरयू नदी के तट पर स्थित है। अनुमानित निर्देशांक: 26.7956° उत्तर, 82.1947° पूर्व। श्रद्धालु प्रायः राम पथ से होकर पहुँचते हैं: मन्दिर के उद्घाटन के लिए पुनर्निर्मित मुख्य तीर्थ-मार्ग।
मन्दिर की सम्पूर्ण कथा एवं व्यावहारिक विवरण के लिए नीचे चार खण्ड देखें।
वास्तुकला एवं डिज़ाइन
नागर शैली, सोमपुरा परिवार स्थापत्यकार, आयाम एवं सामग्री, राम लला विराजमान, परकोटा के छह मन्दिर, तथा सात ऋषि मण्डप।
दर्शन, आरती एवं प्रश्नोत्तर
दैनिक आरती समय-सारणी, सार्वजनिक दर्शन अवधि, निःशुल्क प्रवेश पास प्रक्रिया, वेश-भूषा नियम, निषिद्ध वस्तुएँ, सुगमता, तथा पूर्ण प्रश्नोत्तर।
कैसे पहुँचें
महर्षि वाल्मीकि अन्तर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा (AYJ), अयोध्या धाम जंक्शन, UPSRTC बस सेवाएँ, लखनऊ, दिल्ली, वाराणसी एवं अन्य शहरों से सड़क दूरियाँ, तथा अयोध्या में स्थानीय परिवहन।
आवास
ट्रस्ट-प्रबन्धित धर्मशालाएँ, मध्य-श्रेणी होटल (लेमन ट्री, जिंजर, फेयरफील्ड, पार्क इन), प्रीमियम होटल (ताज, ITC, रेडिसन), फैज़ाबाद विकल्प, तथा पर्व तिथियों के लिए बुकिंग समय।
कालक्रम एवं इतिहास
भगवान श्रीराम के पौराणिक जन्म से, 1528, 1992 के विध्वंस, 2019 के सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय, तथा 2024 की प्राण प्रतिष्ठा तक का तथ्यपरक कालक्रम।
हवाई अड्डा चित्र: Benison, Wikimedia Commons · CC BY-SA 4.0