प्रमुख तीर्थस्थल
राम जन्मभूमि मंदिर
भगवान श्रीराम के जन्मस्थान पर निर्मित नवीन मन्दिर: नागर शैली की वास्तुकला, प्राण प्रतिष्ठा, दर्शन समय-सारणी, तथा सम्पूर्ण तीर्थ-मार्गदर्शिका।
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अयोध्या: भगवान श्रीराम की शाश्वत नगरी
दैहिक दैविक भौतिक तापा।
राम राज नहिं काहुहि ब्यापा॥
शारीरिक, दैविक एवं भौतिक: तीनों ताप राम के राज्य में किसी को नहीं व्यापते।
प्रतिदिन प्रातः 6:00 बजे (IST), राम मन्दिर, अयोध्या से - DD नेशनल के YouTube चैनल पर।
वर्षों की प्रतीक्षा के बाद, भगवान श्रीराम के जन्मस्थान पर श्री राम जन्मभूमि मन्दिर पूर्ण रूप से खड़ा है। अयोध्या आज विश्व के सर्वाधिक प्रसिद्ध तीर्थस्थलों में से एक बन चुकी है।
गर्भगृह में राम लला विराजमान की प्रतिमा स्थापित की गई। प्रधानमन्त्री ने यह पवित्र समारोह सम्पन्न कराया, जिसमें देश-विदेश से सन्त, गणमान्य व्यक्ति एवं असंख्य भक्त सम्मिलित हुए।
दो गिनीज़ विश्व कीर्तिमान स्थापित हुए: सरयू के घाटों पर एक साथ 26,17,215 दीये प्रज्वलित, तथा 2,128 पुजारियों ने एक साथ माँ सरयू आरती सम्पन्न की।
राम दरबार, छह परकोटा मन्दिर एवं सभी सात ऋषि-मण्डप पूर्ण हुए। प्रधानमन्त्री ने मुख्य शिखर पर भगवा ध्वजारोहण सम्पन्न किया।
आधुनिक पुनरुत्थान के पीछे एक अखण्ड प्राचीनता वाली नगरी है: सूर्य वंश की शाश्वत राजधानी, सहस्त्रों वर्षों से आबाद एवं पवित्र।
तीर्थयात्रियों एवं भारतीय इतिहास के विद्यार्थियों के लिए निःशुल्क सन्दर्भ। स्रोत: रामायण, पुराण, रामचरितमानस।
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भगवान श्रीराम के जन्मस्थान पर निर्मित नवीन मन्दिर: नागर शैली की वास्तुकला, प्राण प्रतिष्ठा, दर्शन समय-सारणी, तथा सम्पूर्ण तीर्थ-मार्गदर्शिका।
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रामकोट, हनुमान गढ़ी, कनक भवन, नागेश्वरनाथ, सरयू - नगर के प्रत्येक पवित्र स्थल का तीर्थ-मार्गदर्शक।
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दीपोत्सव, रामलीला, राम नवमी मेला, सावन झूला, तथा पवित्र नगरी की परिक्रमाएँ।
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अयोध्या की पौराणिक नींव: राजा मनु, इक्ष्वाकु वंश, रघु, दशरथ, तथा भगवान श्रीराम का जन्म।
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