दैहिक दैविक भौतिक तापा।
राम राज नहिं काहुहि ब्यापा॥
शारीरिक, दैविक एवं भौतिक: तीनों ताप राम के राज्य में किसी को नहीं व्यापते।
तुलसीदास, रामचरितमानस, उत्तर काण्ड
चित्र: प्रधानमन्त्री कार्यालय, भारत सरकार / Wikimedia Commons (GODL-India)
22 जन॰ 2024
प्राण प्रतिष्ठा
29.95 करोड़
2025 में आगंतुक
1-2 लाख
दैनिक दर्शन
26,17,215
2025 दीपोत्सव के दीये
दैनिक श्रृंगार आरती - सीधा प्रसारण
प्रतिदिन प्रातः 6:00 बजे (IST), राम मन्दिर, अयोध्या से - DD नेशनल के YouTube चैनल पर।
अयोध्या आज: श्रीराम की जीवित नगरी
वर्षों की प्रतीक्षा के बाद, भगवान श्रीराम के जन्मस्थान पर श्री राम जन्मभूमि मन्दिर पूर्ण रूप से खड़ा है। अयोध्या आज विश्व के सर्वाधिक प्रसिद्ध तीर्थस्थलों में से एक बन चुकी है।
22 जनवरी 2024
प्राण प्रतिष्ठा
गर्भगृह में राम लला विराजमान की प्रतिमा स्थापित की गई। प्रधानमन्त्री ने यह पवित्र समारोह सम्पन्न कराया, जिसमें देश-विदेश से सन्त, गणमान्य व्यक्ति एवं असंख्य भक्त सम्मिलित हुए।
अक्टूबर 2025
दीपोत्सव - विश्व कीर्तिमान
दो गिनीज़ विश्व कीर्तिमान स्थापित हुए: सरयू के घाटों पर एक साथ 26,17,215 दीये प्रज्वलित, तथा 2,128 पुजारियों ने एक साथ माँ सरयू आरती सम्पन्न की।
25 नवम्बर 2025
मन्दिर पूर्ण
राम दरबार, छह परकोटा मन्दिर एवं सभी सात ऋषि-मण्डप पूर्ण हुए। प्रधानमन्त्री ने मुख्य शिखर पर भगवा ध्वजारोहण सम्पन्न किया।
19 मार्च 2026
श्रीराम यन्त्र की स्थापना
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु की उपस्थिति में मन्दिर की द्वितीय मंजिल पर 150 किलो का स्वर्ण-जड़ित ताम्र श्रीराम यन्त्र (3 फुट x 3 फुट) स्थापित किया गया।
आधुनिक पुनरुत्थान के पीछे एक अखण्ड प्राचीनता वाली नगरी है: सूर्य वंश की शाश्वत राजधानी, सहस्त्रों वर्षों से आबाद एवं पवित्र।
तीर्थयात्रियों एवं भारतीय इतिहास के विद्यार्थियों के लिए निःशुल्क सन्दर्भ। स्रोत: रामायण, पुराण, रामचरितमानस।
तीर्थक्षेत्र अब प्रातः 7 से रात्रि 9 बजे तक सात निःशुल्क दर्शन स्लॉट और तीन पास-आधारित आरतियाँ (मंगला 4 बजे, श्रृंगार 6 बजे, शयन रात्रि 10 बजे) सूचीबद्ध करता है। किसी पास का कोई शुल्क नहीं है।