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श्री राम जन्मभूमि

इतिहास

राम जन्मभूमि कालक्रम

भगवान श्रीराम के जन्म से 2025 में नवीन मन्दिर के पूर्ण होने तक - 21 प्रमुख घटनाओं का विवरण।

प्राचीन एवं पारम्परिक काल
त्रेता युग से मध्यकाल तक
त्रेता युग (पौराणिक)

भगवान श्रीराम का जन्म

वाल्मीकि रामायण के अनुसार भगवान श्रीराम का जन्म अयोध्या में राजा दशरथ और रानी कौशल्या के यहाँ हुआ। यह स्थान तभी से राम जन्मभूमि के रूप में पूजनीय है।

पहली शताब्दी ई.पू. (पारम्परिक)

विक्रमादित्य द्वारा मन्दिर पुनर्निर्माण

परम्परा के अनुसार उज्जैन के राजा विक्रमादित्य ने लुप्त नगरी अयोध्या को पुनः खोजा और जन्मभूमि पर मन्दिर का पुनर्निर्माण कराया।

उत्तर प्राचीन से मध्यकाल

अनेक मन्दिरों का निर्माण

स्थानीय अनुश्रुतियों तथा समानान्तर जैन एवं बौद्ध परम्पराओं के अनुसार इस स्थान पर सदियों तक अनेक मन्दिरों का निर्माण और पुनर्निर्माण होता रहा।

🏯
मुग़ल काल
1526 से 1857 तक
1528 ईस्वी

बाबरी ढाँचे का निर्माण

मुग़ल सम्राट बाबर के सेनापति मीर बाक़ी द्वारा एक मस्जिदनुमा संरचना बनाई गई, जो आगे चलकर बाबरी मस्जिद के नाम से जानी गई। 2003 में पुरातत्व सर्वेक्षण ने यहाँ एक विशाल पूर्व-विद्यमान संरचना के साक्ष्य पाए।

⚖️
ब्रिटिश राज
1858 से 1947 तक
1853 से 1858

प्रथम साम्प्रदायिक घटनाएँ

अवध के ब्रिटिश प्रशासन के अधीन विवादित स्थल पर पहली अभिलिखित साम्प्रदायिक घटनाएँ दर्ज हुईं।

1885

प्रथम औपचारिक वाद

महंत रघुबर दास ने विवादित स्थल के बाहरी प्रांगण में चबूतरा निर्माण की अनुमति हेतु प्रथम औपचारिक वाद दायर किया। यह वाद खारिज कर दिया गया।

🙏
स्वतन्त्रता-पश्चात् काल
1947 से 1991 तक
22 से 23 दिसम्बर 1949

राम लला की मूर्तियाँ प्रकट हुईं

विवादित ढाँचे के मुख्य गुम्बद के भीतर राम लला की मूर्तियाँ प्रकट हुईं। साम्प्रदायिक तनाव से बचने हेतु ज़िला प्रशासन ने स्थल को बन्द कर दिया।

1950 से 1961

चार सिविल वाद दायर

गोपाल सिंह विशारद, परमहंस रामचन्द्र दास, निर्मोही अखाड़ा (1959), और सुन्नी केन्द्रीय वक़्फ़ बोर्ड (1961) ने पूजा एवं स्वामित्व के अधिकारों को लेकर वाद दायर किए।

1 फरवरी 1986

पूजा के लिए द्वार खुले

ज़िला न्यायालय ने विवादित ढाँचे के द्वार खोलने का आदेश दिया, जिससे हिन्दू श्रद्धालुओं को राम लला की पूजा का अधिकार मिला।

9 नवम्बर 1989

शिलान्यास समारोह

विश्व हिन्दू परिषद् द्वारा विवादित स्थल के समीप भूमि पर शिलान्यास समारोह सम्पन्न किया गया।

📜
1992 का विध्वंस
1992 से 2009 तक
6 दिसम्बर 1992

बाबरी ढाँचे का विध्वंस

एक विशाल जनसमूह ने बाबरी ढाँचे को ध्वस्त किया। इसके बाद कई शहरों में साम्प्रदायिक हिंसा हुई। अगले माह सरकार ने लिब्रहान जाँच आयोग का गठन किया।

1993

भूमि अधिग्रहण अधिनियम

संसद ने अयोध्या में निश्चित क्षेत्र अधिग्रहण अधिनियम पारित किया, जिसके अन्तर्गत लगभग 67 एकड़ विवादित एवं आसपास की भूमि केन्द्र सरकार द्वारा अधिगृहीत की गई।

2003

भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण की रिपोर्ट

इलाहाबाद उच्च न्यायालय के आदेश पर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण ने उत्खनन किया और ध्वस्त मस्जिद के नीचे एक विशाल पूर्व-विद्यमान संरचना के साक्ष्य प्रस्तुत किए।

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नवीन मन्दिर का निर्माण
2020 से 2025 तक
5 फरवरी 2020

ट्रस्ट का गठन

निर्माण एवं प्रबन्धन की देखरेख हेतु भारत सरकार द्वारा श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का गठन किया गया।

5 अगस्त 2020

भूमि पूजन

प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदी ने भूमि पूजन (शिलान्यास संस्कार) सम्पन्न किया, जो नए राम मन्दिर के निर्माण के औपचारिक प्रारम्भ का प्रतीक रहा।

2020 से 2023

निर्माण के चरण

अहमदाबाद के सोमपुरा परिवार के नेतृत्व में मन्दिर का निर्माण नागर शैली में बंशी पहाड़पुर बलुआ पत्थर से किया गया, जिसमें संरचना में लोहे का प्रयोग नहीं किया गया।

22 जनवरी 2024

प्राण प्रतिष्ठा

मैसूर के शिल्पकार अरुण योगिराज द्वारा निर्मित राम लला विराजमान की मूर्ति गर्भगृह में स्थापित की गई। उसी दिन से सार्वजनिक दर्शन प्रारम्भ हुए।

5 जून 2025

राम दरबार और परकोटा मन्दिर खुले

राम दरबार तथा छह परकोटा मन्दिर (सूर्य देव, भगवती, गणेश, शिव, हनुमान एवं अन्नपूर्णा) का संयुक्त पूजन हुआ और जनसामान्य के लिए खोला गया।

25 नवम्बर 2025

ध्वजारोहण - परिसर पूर्ण

प्रधानमन्त्री द्वारा मुख्य शिखर पर भगवा ध्वज का आरोहण किया गया, जिसने सात ऋषि मण्डपों सहित सम्पूर्ण मन्दिर परिसर के पूर्ण होने को चिह्नित किया।

स्रोत

  • भारत का सर्वोच्च न्यायालय: एम. सिद्दीक बनाम महंत सुरेश दास, निर्णय दिनांक 9 नवम्बर 2019
  • इलाहाबाद उच्च न्यायालय: स्वत्व-वाद का निर्णय, 30 सितम्बर 2010
  • भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण: अयोध्या पर उत्खनन रिपोर्ट, 2003
  • लिब्रहान आयोग जाँच: अन्तिम रिपोर्ट, 30 जून 2009
  • अयोध्या में निश्चित क्षेत्र अधिग्रहण अधिनियम, 1993
  • प्रेस सूचना ब्यूरो, भारत सरकार, जनवरी 2024

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